A watchman sounds a ram's horn above Samaria as two travelers approach and a lion roars before the city's luxurious houses

आमोस 3

इंडियन रिवाइज्ड वर्जन
अध्याय सारांश
इस्राएल का अद्वितीय बचाव और वाचा संबंध विशेष जवाबदेही लाता है। जुड़े हुए प्रश्नों के माध्यम से, आमोस जोर देता है कि विपत्ति और भविष्यसूचक चेतावनी के कारण होते हैं: जब यहोवा बोलता है, भविष्यद्वक्ता को उत्तर देना चाहिए। विदेशी साक्षियों को सामरिया की अव्यवस्था देखने के लिए बुलाया जाता है इससे पहले कि उसकी वेदियां और विलासी घर गिरें।
वाचा जिम्मेदारीभविष्यसूचक चेतावनीसामरियान्याय
1हे इस्राएलियों, यह वचन सुनो जो यहोवा ने तुम्हारे विषय में अर्थात् उस सारे कुल के विषय में कहा है जिसे मैं मिस्र देश से लाया हूँ:
2“पृथ्वी के सारे कुलों में से मैंने केवल तुम्हीं पर मन लगाया है3:2 पृथ्वी के सारे कुलों में से मैंने केवल तुम्हीं पर मन लगाया है: मनुष्य परमेश्वर के जितना अधिक निकट आता है उतना ही अधिक उसका चूकना और परीक्षा में गिरना बुरा होता है, उसको बहुत अधिक कठोर दण्ड मिलता है। परमेश्वर से निकटता अमूल्य है, लेकिन एक महिमामय उपहार है। स्वतंत्र इच्छा के दुरूपयोग के कारण अत्यधिक महान आशीषें सबसे भयानक दुःख में बदल जाती है।, इस कारण मैं तुम्हारे सारे अधर्म के कामों का दण्ड दूँगा।
3“यदि दो मनुष्य परस्पर सहमत न हों, तो क्या वे एक संग चल सकेंगे?
4क्या सिंह बिना अहेर पाए वन में गरजेंगे? क्या जवान सिंह बिना कुछ पकड़े अपनी माँद में से गुर्राएगा?
5क्या चिड़िया बिना फंदा लगाए फँसेगी? क्या बिना कुछ फँसे फंदा भूमि पर से उचकेगा?
6क्या किसी नगर में नरसिंगा फूँकने पर लोग न थरथराएँगे? क्या यहोवा के बिना भेजे किसी नगर में कोई विपत्ति पड़ेगी?
7इसी प्रकार से प्रभु यहोवा अपने दास भविष्यद्वक्ताओं पर अपना मर्म बिना प्रगट किए कुछ भी न करेगा। (प्रका. 10:7, भज. 25:14, यूह. 15:15)
8सिंह गरजा; कौन न डरेगा? परमेश्वर यहोवा बोला; कौन भविष्यद्वाणी न करेगा?”
9अश्दोद के भवन और मिस्र देश के राजभवन पर प्रचार करके कहो: “सामरिया के पहाड़ों पर इकट्ठे होकर देखो कि उसमें क्या ही बड़ा कोलाहल और उसके बीच क्या ही अंधेर के काम हो रहे हैं!”
10यहोवा की यह वाणी है, “जो लोग अपने भवनों में उपद्रव और डकैती का धन बटोरकर रखते हैं, वे सिधाई से काम करना जानते ही नहीं।”
11इस कारण परमेश्वर यहोवा यह कहता है: “देश का घेरनेवाला एक शत्रु होगा, और वह तेरा बल तोड़ेगा, और तेरे भवन लूटे जाएँगे।”
12यहोवा यह कहता है: “जिस भाँति चरवाहा सिंह के मुँह से दो टाँगें या कान का एक टुकड़ा छुड़ाता है3:12 जिस भाँति चरवाहा .... छुड़ाता है: जब जंगली जानवरों द्वारा एक जानवर की मृत्यु हो जाए, तो चरवाहे का कर्तव्य था कि वह मृत पशु के कुछ अवशेष मालिक को दिखाए ताकि वह जान सके कि जानवर कैसे मरा। अगर चरवाहा ऐसा करने में असमर्थ हो, तो उसे जानवर के बदले मालिक को भुगतान करना पड़ता था।, वैसे ही इस्राएली लोग, जो सामरिया में बिछौने के एक कोने या रेशमी गद्दी पर बैठा करते हैं, वे भी छुड़ाए जाएँगे।”
13सेनाओं के परमेश्वर, प्रभु यहोवा की यह वाणी है, “देखो, और याकूब के घराने से यह बात चिताकर कहो:
14जिस समय मैं इस्राएल को उसके अपराधों का दण्ड दूँगा, उसी समय मैं बेतेल की वेदियों को भी दण्ड दूँगा, और वेदी के सींग टूटकर भूमि पर गिर पड़ेंगे।
15और मैं सर्दी के भवन को और धूपकाल के भवन, दोनों को गिराऊँगा; और हाथी दाँत के बने भवन भी नष्ट होंगे, और बड़े-बड़े घर नष्ट हो जाएँगे,” यहोवा की यही वाणी है।

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