Jabez kneeling in prayer as potters, weavers, shepherds, and builders work nearby

1 इतिहास 4

इंडियन रिवाइज्ड वर्जन
अध्याय सारांश
यहूदा के और परिवारों के नाम कारीगरों, बसने वालों और शासकों के साथ दर्ज हैं। सूचियों के भीतर, याबेस आशीष, विस्तृत क्षेत्र, दिव्य उपस्थिति और सुरक्षा मांगता है, और उसकी संक्षिप्त प्रार्थना का यादगार उत्तर मिलता है।
प्रार्थनाआशीषकार्ययहूदा
1यहूदा के पुत्र: पेरेस, हेस्रोन, कर्मी, हूर और शोबाल।
2और शोबाल के पुत्र: रायाह से यहत और यहत से अहूमै और लहद उत्पन्न हुए, ये सोराई कुल हैं।
3एताम के पिता के ये पुत्र हुए अर्थात् यिज्रेल, यिश्मा और यिद्वाश, जिनकी बहन का नाम हस्सलेलपोनी था;
4और गदोर का पिता पनूएल, और हूशाह का पिता एजेर। ये एप्राता के जेठे हूर के सन्तान थे, जो बैतलहम का पिता हुआ।
5और तकोआ के पिता अशहूर के हेला और नारा नामक दो स्त्रियाँ थीं।
6नारा से अहुज्जाम, हेपेर, तेमनी और हाहशतारी उत्पन्न हुए, नारा के ये ही पुत्र हुए।
7और हेला के पुत्र, सेरेत, यिसहर और एत्ना।
8कोस से आनूब और सोबेबा उत्पन्न हुए और उसके वंश में हारूम के पुत्र अहर्हेल के कुल भी उत्पन्न हुए।
9और याबेस अपने भाइयों से अधिक प्रतिष्ठित हुआ, और उसकी माता ने यह कहकर उसका नाम याबेस4:9 याबेस: यह एक विचित्र बात है कि याबेस का परिचय बिना वर्णन किया गया है जैसे कि वह एक प्रसिद्ध व्यक्ति था। याबेस के नाम का अर्थ है दुःखी और उसकी मनोकामना थी कि उसे उसके नाम का जो अर्थ है वह उस पर न घटे। रखा, “मैंने इसे पीड़ित होकर उत्पन्न किया।”
10और याबेस ने इस्राएल के परमेश्वर को यह कहकर पुकारा, “भला होता, कि तू मुझे सचमुच आशीष देता, और मेरा देश बढ़ाता, और तेरा हाथ मेरे साथ रहता, और तू मुझे बुराई से ऐसा बचा रखता कि मैं उससे पीड़ित न होता!” और जो कुछ उसने माँगा, वह परमेश्वर ने उसे दिया।
11फिर शूहा के भाई कलूब से एशतोन का पिता महीर उत्पन्न हुआ।
12एशतोन के वंश में बेतरापा का घराना, और पासेह और ईर्नाहाश का पिता तहिन्ना उत्पन्न हुए, रेका के लोग ये ही हैं।
13कनज के पुत्र: ओत्नीएल और सरायाह, और ओत्नीएल का पुत्र हतत।
14मोनोतै से ओप्रा और सरायाह से योआब जो गेहराशीम का पिता हुआ; वे कारीगर थे।
15और यपुन्ने के पुत्र कालेब के पुत्र: ईरू, एला और नाम; और एला के पुत्र: कनज।
16यहलेल के पुत्र, जीप, जीपा, तीरया और असरेल।
17और एज्रा के पुत्र: येतेर, मेरेद, एपेर और यालोन, और उसकी स्त्री से मिर्याम, शम्मै और एश्तमो का पिता यिशबह उत्पन्न हुए4:17 और एश्तमो का पिता यिशबह उत्पन्न हुए: वह गर्भवती हुई। माँ का नाम नहीं दिया गया है।।
18उसकी यहूदिन स्त्री से गदोर का पिता येरेद, सोको के पिता हेबेर और जानोह के पिता यकूतीएल उत्पन्न हुए, ये फ़िरौन की बेटी बित्या के पुत्र थे जिसे मेरेद ने ब्याह लिया था।
19और होदिय्याह की स्त्री जो नहम की बहन थी, उसके पुत्र: कीला का पिता एक गेरेमी और एश्तमो का पिता एक माकाई।
20और शिमोन के पुत्र: अम्नोन, रिन्ना, बेन्हानान और तोलोन; और यिशी के पुत्र: जोहेत और बेनजोहेत।
21यहूदा के पुत्र शेला के पुत्र: लेका का पिता एर, मारेशा का पिता लादा और बेत-अशबे में उस घराने के कुल जिसमें सन के कपड़े का काम होता था;
22और योकीम और कोजेबा के मनुष्य और योआश और साराप जो मोआब4:22 मोआब: दाऊद ने मोआब को जीत लिया था (2शमू 8:2) और फिर ओम्री ने उसे जीता और आहाब की मृत्यु तक वह इस्राएल के अधीन रहा। (2राजा 3:5) में प्रभुता करते थे, और याशूब लेहेम। इनका वृत्तान्त प्राचीन है।
23ये कुम्हार थे, और नताईम और गदेरा में रहते थे जहाँ वे राजा का काम-काज करते हुए उसके पास रहते थे।
24शिमोन के पुत्र: नमूएल, यामीन, यारीब, जेरह और शाऊल;
25और शाऊल का पुत्र शल्लूम, शल्लूम का पुत्र मिबसाम और मिबसाम का मिश्मा हुआ।
26और मिश्मा का पुत्र हम्मूएल, उसका पुत्र जक्कूर, और उसका पुत्र शिमी।
27शिमी के सोलह बेटे और छः बेटियाँ हुई परन्तु उसके भाइयों के बहुत बेटे न हुए; और उनका सारा कुल यहूदियों के बराबर न बढ़ा।
28वे बेर्शेबा, मोलादा, हसर्शूआल,
29बिल्हा, एसेम, तोलाद,
30बतूएल, होर्मा, सिकलग,
31बेत्मर्काबोत, हसर्सूसीम, बेतबिरी और शारैम में बस गए; दाऊद के राज्य के समय तक उनके ये ही नगर रहे।
32और उनके गाँव एताम, ऐन, रिम्मोन, तोकेन और आशान नामक पाँच नगर;
33और बाल तक जितने गाँव इन नगरों के आस-पास थे, उनके बसने के स्थान ये ही थे, और यह उनकी वंशावली हैं।
34फिर मशोबाब और यम्लेक और अमस्याह का पुत्र योशा,
35और योएल और योशिब्याह का पुत्र येहू, जो सरायाह का पोता, और असीएल का परपोता था,
36और एल्योएनै और याकोबा, यशोहायाह और असायाह और अदीएल और यसीमीएल और बनायाह,
37और शिपी का पुत्र जीजा जो अल्लोन का पुत्र, यह यदायाह का पुत्र, यह शिम्री का पुत्र, यह शमायाह का पुत्र था।
38ये जिनके नाम लिखे हुए हैं, अपने-अपने कुल में प्रधान थे; और उनके पितरों के घराने बहुत बढ़ गए।
39ये अपनी भेड़-बकरियों के लिये चराई ढूँढ़ने को गदोर की घाटी की तराई की पूर्व ओर तक गए।
40और उनको उत्तम से उत्तम चराई मिली, और देश लम्बा-चौड़ा, चैन और शान्ति का था; क्योंकि वहाँ के पहले रहनेवाले हाम के वंश के थे।
41और जिनके नाम ऊपर लिखे हैं, उन्होंने यहूदा के राजा हिजकिय्याह के दिनों में वहाँ आकर जो मूनी वहाँ मिले, उनको डेरों समेत मारकर ऐसा सत्यानाश कर डाला कि आज तक उनका पता नहीं है, और वे उनके स्थान में रहने लगे, क्योंकि वहाँ उनकी भेड़-बकरियों के लिये चराई थी।
42और उनमें से अर्थात् शिमोनियों में से पाँच सौ पुरुष अपने ऊपर पलत्याह, नार्याह, रपायाह और उज्जीएल नामक यिशी के पुत्रों को अपना प्रधान ठहराया;
43तब वे सेईद पहाड़ को गए, और जो अमालेकी बचकर रह गए थे उनको मारा, और आज के दिन तक वहाँ रहते हैं।

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